Posts

Showing posts from December, 2024

कुछ सपने

थोड़ी मस्ती थोड़ा सा ईमान बचा पाया हूँ, ये क्या कम है मैं अपनी पहचान बचा पाया हूँ, कुछ उम्मीदें, कुछ सपने, कुछ महकती यादें, जीने का मैं इतना ही सामान बचा पाया हूँ।   https://vdbaa.com/fullpage.php?section=General&pub=284691&ga=g

मोहब्बत

चलो मोहब्बत को एक नया नाम देते हैं, हर ख्वाब को तेरे ही अंजाम देते हैं। तेरे बिना अधूरी सी है ये ज़िंदगी, आ, इसे तेरे साथ मुकम्मल बना देते हैं। https://vdbaa.com/fullpage.php?section=General&pub=284691&ga=g